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दूसरे राज्य से शादी कर हरियाणा आने वाली महिलाओं को SC-BC का आरक्षण नहीं

हरियाणा चुनाव आयोग ने 115 उम्मीदवारों को किया अयोग्य घोषित, नहीं लड़ सकेंगे 5 साल चुनाव

Satyakhabarindia


सत्य खबर हरियाणा

State Election Commission : हरियाणा राज्य चुनाव आयोग में राज्य में चल रही स्थानीय निकाय के आम चुनाव और पंचायती राज संस्थाओं के उपचुनाव के बीच कई अहम फैसले किए हैं। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि दूसरे राज्य से हरियाणा में शादी करके आने वाली महिलाओं को प्रदेश में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा भले ही उनकी जाति हरियाणा सरकार की आरक्षण की श्रेणी में सूचीबद्ध हो। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने हरियाणा के 115 ऐसे उम्मीदवारों को 5 साल के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है, जिन्होंने पिछले चुनाव में चुनाव लड़ने के बाद खर्च का दौरान नहीं दिया था। इनमें सोनीपत नगर निगम के 18 उम्मीदवार शामिल हैं।

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इन महिलाओं को आरक्षण नहीं

निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में अनुसूचित जाति (एससी) और पिछड़ा वर्ग (बीसी) के लिए आरक्षित सीटों पर दूसरे राज्यों की महिलाएं चुनाव नहीं लड़ सकेंगी, जिन्होंने हरियाणा में शादी की है। अन्य राज्यों से जारी एससी-बीसी सर्टिफिकेट के आधार पर हरियाणा में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य निर्वाचन आयोग को विभिन्न जिलों से प्रश्न प्राप्त हो रहे थे कि अन्य राज्यों के अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग ए और बी श्रेणी के व्यक्तियों की हरियाणा में नगर निकाय चुनावों में आरक्षण हेतु क्या पात्रता होगी। आयोग ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस संबंध में पहले ही सभी उपायुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद पुनः शंकाएं प्राप्त होने के चलते उक्त स्पष्टीकरण को दोबारा सभी जिलों में भेजा गया है, ताकि संबंधित अधिकारी इसे भली-भांति समझकर अनुपालन सुनिश्चित करें।

115 उम्मीदवार अयोग्य घोषित

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हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 115 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी उम्मीदवार अगले पांच वर्षों तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
यह कदम उन प्रत्याशियों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने चुनाव खर्च का अनिवार्य विवरण समय पर जमा नहीं कराया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खर्च का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और निष्पक्ष बनाना है।
चुनाव आयोग के मुताबिक सोनीपत नगर निगम के 18 उम्मीदवार, नगर परिषद झज्जर के 5, नूंह नगर परिषद के 14, पुन्हाना नगर पालिका के 17, नगर पालिका फिरोजपुर झिरका के पांच, नगर परिषद नारनौल के 41, नगर पालिका राजौंद के 13, नगर पालिका टोहाना के एक उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया गया है।

वर्तमान में खर्च की सीमा

आयोग उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा तय करता आया है। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। नगर निगम महापौर के लिए उम्मीदवार अधिकतम 30 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। निगम में पार्षद के उम्मीदवार साढ़े 7 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। वहीं नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 20 लाख रुपये, नगर काउंसिल के मेंबर की खर्च सीमा चार लाख रुपये तय की गई है।
पंचायती राज में सरपंच के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 6 लाख रुपये रखी गई है। चुनाव परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर यदि उम्मीदवार खर्च का ब्योरा जमा नहीं करते हैं तो जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाता है। उसके बाद भी खर्च का ब्यौरा नहीं देते हैं तो जिला अधिकारी उन्हें अयोग्य घोषित कर देते हैं और इसकी जानकारी राज्य चुनाव आयोग को भिजवाई जाती है।

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